प्यार है तो है घर संसार

शौक करना गलत नहीं, शिकायत करना बुरा है
आदमी का आदमी को हिदायत देना बुरा है।

ना दौर कल बदला था, ना मंजर आज कुछ नया है।

मै सही सारा जग गलत, यही दंभ बस रहा है।

कभी सुना हो किसी अहंकारी ने
यदि अपने अपनेवालो की गुहार

तो होता सब अपना और
ये अभिमान कहीं पड़ा बीमार

सच जाने अगर कोई जहां में
तो बस प्यार से बढ़कर कुछ नहीं

जो इसे जीवन में उतारा तो
जीवन का हो एक नया अवतार

खुशियों का लग जाये अंबार
हर तरफ सिर्फ प्यार हो प्यार

हर काम फिर कुछ ऐसा हो यार
जीत बस तुम्हारी हो हर बार!!

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