मासूम बच्चियां



लड़कियां
ये छोटी बच्चिया, मासूमियत से भरी
हैवानों को क्या सुनती नहीं, इनकी किलकारिया

फूल सी नाजुक ये परिया, कहां जाएं रहने को
अब तो भगवान भी डरता है लड़कियां देने को

दहेज, मारपीट, ना पढ़ाना, घर से बाहर ना जाना
क्या कम थी ये प्रताड़ना

किस तरह से उकसाती ये ऐसे हैवानों को

ना पहनें छोटे कपडे उन्होंने
ना करती कोई काम ऐसा

किस तरह फिर कर लेती ये आकर्षित इन शैतानों को

हाथ जोड़ विनती है, इस देश की सरकार से
गर यही हालत रही तो लुप्त हो जाएगी
ये प्यारी मुस्काने हमारी

कुछ ऐसा इनको दण्ड दो, की रूह भी इनकी कांप जाए
फिर सपने में भी इनको कभी ना ये खयाल आए🙏🙏



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