पढ़ाई जरूरी या Home Work


अक्सर हमने देखा है कि बचपन से ही बच्चो पर Home Work का इतना pressure होता है कि बच्चे खेल नहीं पाते। स्कूल में पढ़ाई के साथ ही घर के लिए बहुत सारा Home Work मिल जाता है।

बच्चो को जिस age में, खेलने – कूदने, दौड़ने – भागने की जरूरत होती है। उस age में वे Home Work के बोझ तले दबे होते हैं। इस वजह से उनका सर्वांगीण विकास नहीं होता।

क्या पढ़ाई मात्र Home Work करना है?

बहुत ज्यादा Home Work करने से होता है ये नुकसान

Gross motor skills develop ना होना

ऐसा कोई भी प्रमाण नहीं जिससे यह सिद्ध होता हो कि Home Work करने से knowlege मिलती है। बच्चो को खेलने ना देने से और बहुत ज्यादा Home Work कराने से उनकी gross motor skill develop नहीं हो पाती ।

महत्वपूर्ण है General Knowledge

बच्चो का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब उनके मस्तिष्क के साथ, शरीर का भी विकास हो।

जीवन में आगे बढ़ने के लिए उनके logical mind का काम करना भी जरूरी है जो General awareness से आता है, ना कि सिर्फ Home Work करने से।


परन्तु आजकल के Teachers और parents का focus marks और Home Work पर होता है।

Theoretical से बेहतर है practical

बच्चो को पढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है, उनको practical करवाना। उदाहरण से और experiment करके बच्चे किसी भी चीज को अच्छी तरह से समझते हैं।


लगातार Home Work करते रहने से उनका ध्यान सिर्फ काम पूरा करने पर रहता है ना कि उसे समझने पर।

रिसर्च के अनुसार क्लास में यदि बच्चो को practically पढ़ाया जाए और कम से कम Home Work दिया जाए तो हर बच्चा उस subject को अच्छे से समझेगा। सभी बच्चो का रिजल्ट भी अच्छा आएगा।

स्कूल से बढ़ती दूरियां

Home Work ज्यादा होने से बच्चो को स्कूल जाने का मन नहीं करता । वे स्कूल ना जाने के बहाने ढूंढ़ते हैं।

एक बच्चा जो स्कूल जाना शुरू करता है उसे पढ़ाई से प्यार तभी होता है जब स्कूल में पढ़ाई play way method से हो। इसमें बच्चो को खेल – खेल में पढ़ाई सिखाई जाती है।

Personal relationship s पर बुरा असर

Home Work कि वजह से बच्चो और पैरेंट्स के बीच में रोज़ महाभारत होती है। पैरेंट्स चाहते है, बच्चे अपना Home Work और पढ़ाई सबसे पहले पूरी करे फिर चाहे उन्हें खेलने को मिले या नहीं।

इन सब कारणों से बच्चे और पैरेंट्स के बीच में healthy relationship नहीं रह पाता और नतीजा बच्चो का परेंट्स की बात ना सुनना या उल्टा जवाब देना।

Parents पर depend हो जाना

बहुत ज्यादा Home Work होने की वजह से बच्चे कभी कभी खुद complete नहीं कर पाते। Parents को बच्चो का Home Work करना पड़ता है और बच्चे इस तरह से parents पर depend होने लगते हैं।

Parents को भी लगता है कि बच्चो को डांट पड़ेगी या fail हो जाएंगे इसी चक्कर में उनके project करने में लग जाते है। फिर बच्चो कि Growrh कहां?

According to Etta Kralovec, education professor at the University of Arizona.

There’s no benefit of Home Work at the
elementary school level rather
Families and teachers can set a culture of no homework (or rare, optional homework), and schools can take time to read the research and rekindle joy in learning.”

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