जानिए कैसे बच्चो को पढ़ने के लिए Motivate करे

किसी भी चीज को करने का सही तरीका होता है.यदि ये समझ में आ जाये तो कभी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी
सबसे पहले हमे ये समझना चाहिए की बच्चा पढ़ना क्यों नहीं चाहता। अब हम ये जानते हैं – कैसे इस समस्या को पहचाने –

Very Simple Solution

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First Step

सबसे पहले उसके साथ खेलिए उससे खुलकर बात कीजिये। ये जानने की कोशिश कीजिये कि क्या कारन है जो उसे पढाई से दूर कर रहा है

हमे ये जानना पड़ेगा की उसका INTEREST किस चीज में है। Now suppose की उसका INTEREST SCIENCE में है,और आप उसे ENGLISH पढ़ाना चाहते है। तो क्या वो यह करेगा। बिलकुल नहीं ,कभी नहीं।

मान लीजिये आपको सिर्फ खाना खाने का शौक हो और कोई बोले की आपको खाना बनाना है,क्या आप बनाएंगे?

बिलकुल नहीं,या फिर बनाएँगे तो सही, पर मन से नहीं। उसी तरह बच्चा किस तरह SUBJECT ENGLISH पढ़ सकता है,अगर उसका INTEREST ही नहीं। तो अब आपको क्या करना है।

Second Step

यह भी हो सकता है की वह तो पढ़ना चाहता है पर class में उसके ठीक तरह से नहीं पढ़ने पर उसे डांट पड़ती हो।

May be because of that he feel shameful, may be he feel insulted, इस वजह से वो इस subject से दूर भागता हो या teacher से बार बार पूछने पर उसको और डांट पड़ती हो।

उसकी इस PROBLEM को SOLVE करने के  तरीके है |

Simple Ways to solve the problem

  1. आप बच्चे से कहिये की वह आपको कोई भी Story ,पुरानी ,छोटी ,कैसी भी ,ENGLISH में सुनाये। जब बच्चा ऐसा करे तो आप उसे APPRECIATE कीजिये।
  2. उसे कहिये You did the great job . उसे एहसास दिलाइये की उसने बहुत बड़ा काम किया है ऐसा करने से उसे motivation मिलेगा।
  3. उसे लगेगा कि उसने बहुत बड़ा और अच्छा काम किया है, rather than yelling on them every time ,we should appreciate and motivate them on every small thing क्यूंकि यदि as a parent हम अपने बच्चे को नहीं समझेंगे तो फिर उसे कौन समझेगा।
  4. ऐसा हर बार करने पर उसका morale boost होगा और फिर वही चीज जो उसे मुश्किल लगती थी,आसान लगने लगेगी। और फिर वो धीरे धीरे अपना 100 % देने लगेगा।
  5.  आपको ये समझना होगा की english में उसका interest कैसे बढ़ाया जाए।
  6. उसके लिए सबसे पहले आपको घर का माहौल ऐसा बनाना होगा कि उसे बस हर वक़्त english ही पढ़ने और सुनने को मिले।
  7. आपको इन बातों पर ध्यान देना होगा –
    i ) वह English में ही cartoon या कोई भी channel देखे
    ii ) वह English newspapaers ,magazines या story books पढ़े
    iii ) वह English में ही बात करे ,चाहे कैसी भी हो,
    iv ) कुछ दिन उसकी grammatical mistakes को ignore करे
    v ) अपने दोस्तों के साथ वह ऐसे Games खेले जो english से related हो
    vi ) crossword और puzzle जैसे games ही वो gadgets पर ज्यादा से ज्यादा खेलेअगर इन सब बातों का अच्छे से ध्यान रखा जाए तो कुछ ही दिनों में उसकी command english पर अच्छी हो जाएगी।

    ऐसा आप बाकि SUBJECTS के लिए भी कर सकते है। यहाँ हमने english का example लिया है।

  8. यह एक best तरीका है जिससे आप उसे english ही नहीं बल्कि कोई भी subject चुटकियों में समझा सकते है,और याद करा सकते है।
  9. आप बच्चे से पूछिए की क्या उसे बार बार पढ़ने से या लिखने से याद हो रहा है ,यदि नहीं तो फिर वह ये करे।
  10. आप उससे कहिये की वह एक बार उसका topic पढ़ ले। फिर उसी topic को वह बिना देखे अपनी notebook में लिख ले।
  11. अगर उसको लिखने को भी आलस आता है तो उसे कहिये की वह ये topic आपको सुनाये या समझाए। पहली बार में हो सकता है उसे अच्छे से समझ नहीं आये पर एक दो बार पढ़ने पर उसे यक़ीनन याद हो जाएगा।
  12. बस ,उसके बाद उसे वही topic आपको पूरा वैसे ही समझाना है ,जैसे teacher,teaches them in class ,या फिर उसे motivate कीजिये की वह( study aid ) use करे।
  13. I mean to say वह उसे किसी Drawing बना कर के या flash card बना कर समझाने को कोशिश करे,इस तरह से बच्चे को बहुत अच्छी तरह से वो टॉपिक समझ आजायेगाअगर बच्चे बड़े है तो project form में दिखा कर ,या अपने दोस्तों को वही topic वापस पढ़ा कर समझा सकते है।
  14. ये सबसे BEST तरीका है किसी भी subject को समझने और याद करने का.
  15. इस तरीके से कभी कोई भी subject बच्चे को भूलेगा नहीं,और पढ़ना उतना ही आसान हो जाएगा.

Note to Parents

यहाँ ध्यान रखने वाली बात ये है की As a parent आपको भी खुद को बच्चे को समय देना पड़ेगा,बाकि सारे काम जरूरी है ,पर बच्चे तो आपके ही है तो वे भी उतने ही जरूरी होने चाहिए.

आपको भी अपनी आदते बदलने की जरूरत है. जो parents बच्चो से बहुत ज्यादा expectation रखते है, अक्सर उनके बच्चे ही बहुत ज्यादा pressure में आकर ऐसे काम करते है ,जिसे फिर कभी नहीं बदला जा सकता।

बच्चे से उतना ही expect कीजिये जितनी उसकी capability हो ,हर बच्चा अलग होता है,उसकी अलग Personality और Skills होती है। Parents को चाहिये की वो इस चीज को समझे। न की उन पर अपनी expectations थोपे। फिर देखिये हर एक बच्चा क्या कमाल करता है।

And as its said  “Children must be taught how to think,not what to think”

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