हम हंसते थे तो बेवकूफ कहलाएबेफिक्र थे तो बुद्धूज़माने को देख ज़माना बन गएऔर बोल पड़े तो बदतमीज किसी हाल में कोई खुश न हुआऔर हम खुद को भी खो दिए सोचा जितना यही पायायह दुनिया तो प्रभु से भी खुश...