Category: Poems and Quotes

मेरी हर नज़्म में तुम हो

ज़िन्दगी को संवार दे तू मेरा ख्वाब बनकेमेरी हर नज़्म में बस तेरी ही गुफ्तगू होदूर जब हो तो तेरी याद मेंमै काटू हर पल तेरे ही इंतज़ार में मेरे हर पल में तू ही है शामिलजो गर रूह से पूछो...

हां, मै डाक्टर हूं ये जानता हू

हां, मै डाक्टर हूं ये जानता हूं मैमेरा फ़र्ज़, अच्छा – बुरा पहचानता हूं मै हिन्दू मुस्लिम सीख ईसाई से मुझे क्या मतलबमेरा काम ही मेरा खुदा ये पहचानता हूं मै ईमानदारी से अपना काम करता आया हूंऔर करूंगा भीमेरा मजहब...

क्या काम करती हो दिनभर ????

क्या काम करती हो दिनभर ये कहने वाले कहा गए?किसी बात पर कुछ कहो तो ना सहने वाले कहा गए हाउसवाइफ हो और घर में रहती होहमको देखो हम दिनभर दफ्तर में रहते और बॉस की जली कटी सहते, फिर भी...

क्या ये वही जनता है ?!

क्या ये वही जनता है, जो मोर्चे बड़े लगाती हैप्रशासन ये नहीं करता, वो नहीं करतायही हर वक़्त जताती है। जो खुद से कभी ना कुछ करना जानतीबस दोष देती जाती हैमोनेटाइजेशन, 370, लॉकडाउन को सह नहीं पाती है। जब बारी...

दुनिया तो प्रभु से भी खुश नहीं

हम हंसते थे तो बेवकूफ कहलाएबेफिक्र थे तो बुद्धूज़माने को देख ज़माना बन गएऔर बोल पड़े तो बदतमीज किसी हाल में कोई खुश न हुआऔर हम खुद को भी खो दिए सोचा जितना यही पायायह दुनिया तो प्रभु से भी खुश...

कर्मा का सिद्धांत

ना किसी का गलत किया ना गलत किया जाएगा अपने मतलब की खातिर गधे को भी बाप बनाना ये हमसे ना हो पाएगा😊 लोग भले ही बेवकूफ समझे ये समझ उनकी खुद की है ये दुनिया कम दिमाग वाले भोलो कि...

मां पर सुंदर रचना

मां वह पहला शब्द, जो बोल, बच्चे बोलना सीखते उसके आंचल की छाया में, वह हर दिन बढ़ते और खिलते बचपन से जवानी तक हर बात बच्चे की मां सुनती है खेले – कुदे, खिलौने दिलाए, हर ख्वाहिश उसकी पूरी करती...

मासूम बच्चियां

लड़कियां ये छोटी बच्चिया, मासूमियत से भरी हैवानों को क्या सुनती नहीं, इनकी किलकारिया फूल सी नाजुक ये परिया, कहां जाएं रहने को अब तो भगवान भी डरता है लड़कियां देने को दहेज, मारपीट, ना पढ़ाना, घर से बाहर ना जाना...

रिश्ते, ये अनमोल !!

बहुत होते हैं, दुनिया में लोग जो सिर्फ अपनी बीन बजाते हैअपने मतलब के खातिर फिर गधे को भी बाप बनाते हैं। अच्छे होते हैं लोग वही, जो कड़वा बोल जाते हैंक्यूंकि अक्सर सच्चे बोल ही मन को चुभ जाते हैं।...

जनाब ये बातें हैं, बातों का क्या!

जो जान गए इस बात को, ये बात नहीं कुछ काम की फिर क्यों खींचे जाते हो बेवजह ,जब हैं ये बेकार की बातें बड़ी होंगी, जब तूल देते जाओगे, अब तुम्हे ही तय करना है कि रिश्ता बड़ा या बातें...