क्या काम करती हो दिनभर ????

क्या काम करती हो दिनभर ये कहने वाले कहा गए?
किसी बात पर कुछ कहो तो ना सहने वाले कहा गए

हाउसवाइफ हो और घर में रहती हो
हमको देखो हम दिनभर दफ्तर में रहते और बॉस की जली कटी सहते, फिर भी ना थकते और काम करते
तो तुमने किए तो क्या हुआ?!

शायद उस बात का अर्थ आज तुमको समझ आया होगा
जब दिन भर बिना रुके इनको तुमने व्यस्त पाया होगा

चाय, नाश्ता, बर्तन, कपड़े, झाड़ू,पोचा,खाना बनाना
बच्चो को पढ़ाना और कई काम करते हुए
जब तुमने इन्हे देखा होगा,जो साथ अब तुम भी करते हो
तो तुमको समझ आया होगा

ये सबसे पहले आज भी उठती
और सोती आज भी सबके बाद
ये टिक – टिक घड़ी से चलती
और फिर भी हंसती सबके साथ


पैसों के लिए बॉस को चुप – चाप सहा तो बड़ी बात
क्यूंकि करता हूं किसके लिए ये भी तुमने जताया होगा
पर वो पार्लर के लिए भी गर पैसे मांगे तो नहीं है
फ़ालतू के कहकर तुमने ज़रूर सुनाया होगा

आज चार दीवारों में बंद हुए तो तुम भी ये जान पाए
वो ही नहीं कोई काम जो तुम 8-9 घंटो में कर आए
बात बड़ी तो ये भी है कि घंटो का कोई हिसाब नहीं
क्या होता दिन क्या रात यहां, यहां कभी कोई इतवार नहीं

आज खुश तो बहुत है इस बात से
उसके वजूद की भी कद्र हुई
वो भी है इसका जिक्र हुआ
कितना !!!! करती है दिन भर
इस बात की फिक्र हुई!!




Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *